विभाग नियमित रूप से साइबर संकट प्रबंधन योजना (सीसीएमपी) तैयार करता है। सीईआरटी-इन द्वारा सत्यापित इस सीसीएमपी में वेबसाइट को नुकसान पहुंचाने या प्राकृतिक आपदा की स्थिति में आकस्मिक योजनाएं शामिल होती हैं। वेबसाइट को किसी भी प्रकार की अनधिकृत गतिविधि द्वारा नुकसान पहुंचाने/हैक करने से रोकने के लिए सभी संभावित सुरक्षा उपाय किए जाते हैं।
डेटा करप्शन: संबंधित सरकारी विभागों को अपने वेब होस्टिंग सेवा प्रदाता के परामर्श से एक उचित तंत्र विकसित करना होगा ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वेबसाइट डेटा का उचित और नियमित बैकअप लिया जा रहा है। इससे डेटा में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी होने पर नागरिकों को जानकारी की त्वरित पुनर्प्राप्ति और निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित हो सकेगी।
हार्डवेयर/सॉफ्टवेयर क्रैश: हालांकि ऐसी घटना दुर्लभ है, फिर भी यदि किसी अप्रत्याशित कारण से वेबसाइट को होस्ट करने वाला सर्वर क्रैश हो जाता है, तो वेब होस्टिंग सेवा प्रदाता के पास वेबसाइट को जल्द से जल्द बहाल करने के लिए पर्याप्त बैकअप इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध होना चाहिए।







